कोटबस, ब्रांडेनबुर्ग में पूर्व महल का नवगोथिक न्यायालय टॉवर।
श्लॉस कॉटबस जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग क्षेत्र के कॉटबस में एक किला परिसर था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहाँ आज पूर्व किले का श्लॉसटुर्म खड़ा है। स्थल मूलतः एक स्लाव दुर्ग था, 1301 में किले का पहला उल्लेख मिलता है, और 1876 में टॉवर का पुनर्निर्माण नव-गोथिक शैली में हुआ।
श्लॉस कॉटबस जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग क्षेत्र के कॉटबस में स्थित एक किला था, जिसका आज प्रमुख अवशेष श्लॉसटुर्म नामक पूर्व किले का टावर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह स्थान मूल रूप से एक स्लाविक किलेबंदी था। 1301 में किले का पहला दस्तावेजी उल्लेख मिलता है। 1199 से 1445/55 तक यह कॉटबस के प्रभुओं का निवास था। 15वीं शताब्दी में इसकी किलेबंदी मजबूत की गई और यह प्रशासनिक अधिकारियों का केंद्र बना। 1600 में नगर में लगी आग से किला नष्ट हुआ, जिसके बाद इसका पुनर्निर्माण किया गया। 1818 में यहाँ कॉकरिल द्वारा पहली भाप-चालित कताई मशीन स्थापित की गई। 1857 में फिर किले में आग लगी। 1876 में टावर का पुनर्निर्माण हुआ और आज यह न्यायालय टावर के रूप में, नव-गोथिक शैली में वर्णित है। पुराने किले के स्थान पर 1877 में लैंडगेरिख्ट की नई इमारत बनाई गई, और 1905 में आम्ट्सगेरिख्ट का नया भवन निर्मित हुआ। इन स्रोतों में इस स्थल को किला तथा कॉटबस के बीच स्थित एक स्वतंत्र टावर के रूप में बताया गया है। श्लॉसबर्ग पहाड़ी पर स्थित यह स्थान अपने दीर्घ इतिहास, विनाश और पुनर्निर्माण की परतों के कारण उल्लेखनीय है।