पोट्सडाम-कार्त्सोव का बरोक शैली का महलनुमा ऐतिहासिक गुट्सहाउस।
श्लॉस कार्त्सोव, पॉट्सडाम के कार्त्सोव क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक मनोर भवन है। यह पूर्व रिटरगुट से विकसित हुआ और 1912 से 1914 के बीच वास्तुकार ओयगेन श्मोल की योजनाओं पर बारोक शैली में पुनर्निर्मित किया गया। आज यह मुख्यतः विवाहों और अन्य आयोजनों का स्थल है, साथ ही यहाँ होटल भी है।
श्लॉस कार्न्ज़ोव जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग क्षेत्र के पोट्सडाम के कार्त्सोव इलाके में स्थित एक गुड्सहाउस है, जो एक पुराने रिटरगुट से विकसित हुआ। वर्तमान भवन 1912 से 1914 के बीच बर्लिन के वास्तुकार ओयगेन श्मोल की योजनाओं पर बारोक शैली में नए सिरे से बनाया गया। 1900 में बर्लिन के मदिरा-उद्योगपति आर्थुर गिल्का ने इस संपत्ति को खरीदा और पुराने भवन को हटाकर उसकी जगह 66 कमरों वाला, तीन पंखों में फैला प्रतिनिधिक भवन बनवाया, जिसे बाद में लांडहाउस गिल्का कहा गया। 1937 में गिल्का की मृत्यु के बाद यह संपत्ति आगे बेची गई। 1940 में सान्सूसी के पूर्व उद्यान निदेशक जॉर्ग पोतेंते ने इसके पार्क को एक लैंडशाफ्ट्सपार्क के रूप में रूपांतरित किया। उसी समय यह परिसर फिल्मांकन के लिए भी उपयोग में आया। 1941 में राइख्सफिस्कुस ने रिटरगुट खरीदा और उसी वर्ष वेहरमाख्ट ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 1945 से यह भवन विस्थापित लोगों के आवास के रूप में उपयोग हुआ। 1949 से यह बच्चों के स्वास्थ्य-लाभ गृह, 1974 से 1984 तक बाल-गृह, और बाद में 1996 तक गुर्दे की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए सैनेटोरियम रहा। 2007 में इसकी संरक्षण-मानकों के अनुसार बहाली हुई। 2008 से यहाँ पोट्सडाम रजिस्ट्री कार्यालय की एक शाखा है, और भवन मुख्यतः विवाहों सहित आयोजनों के स्थल तथा 2010 से एक होटल के रूप में उपयोग होता है।